राजस्थान में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ई-व्हीकल) पॉलिसी लागू

राजस्थान में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ई-व्हीकल) पॉलिसी लागू

राजस्थान में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ई-व्हीकल) पॉलिसी लागू 

राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के हेतु 1 सितम्बर 2022 से राजस्थान इलेक्ट्रिक व्हीकल (ई-व्हीकल) पॉलिसी लागू कर दी गई है। यह नीति 5 साल की अवधि के लिए लागू रहेगी। पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल की संख्या बढ़ाने पर परिवहन विभाग विशेष कार्य करेगा। साथ ही, ऐसे वाहनों की खरीद को प्रोत्साहन देने के लिए प्रस्तावित एकमुश्त अंशदान और एसजीएसटी पुनर्भरण के लिए 40 करोड़ रूपए के अतिरिक्त बजट प्रावधान को स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2019-20 के बजट में इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लाने की घोषणा की गई थी। इस नीति के लागू होने से प्रदेश में डीजल-पेट्रोल के वाहनों द्वारा होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी।

चार्जिंग स्टेशन लाइसेंस मुक्त : चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए सरकार से किसी भी प्रकार का लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं है। पहले सौ चार्जिंग स्टेशनों पर बिजली आपूर्ति ढांचा विकसित करने के लिए पांच लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। चार्जिंग के लिए विद्युत दर छह रुपए प्रति यूनिट तय की गई है।

Read in English

राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022 उद्देश्य:

  • निजी वाहनों के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन में भी ई-व्हीकल की संख्या बढ़ाई जाएगी।
  • स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों को पूरा करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों के एक मजबूत नेटवर्क के निर्माण को सक्षम बनाना।
  • राज्य के इलेक्ट्रिक परिवहन में अनुसंधान एवं विकास और कौशल विकास को बढ़ावा देना
  • RIPS-2019 के तहत उचित प्रोत्साहन प्रदान करके राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी के निर्माण को बढ़ावा देना

(ई-व्हीकल) पॉलिसी के अनुसार वित्तीय प्रोत्साहन:

नई नीति में ई-व्हीकल विक्रेताओं को सभी प्रकार का पुनर्भरण 7 दिनों में करने का प्रावधान किया गया है। राजस्थान ईवी नीति 2022 राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए निम्नलिखित वित्तीय प्रोत्साहन निर्धारित करती है:(यह छूट 1 सितंबर के बाद खरीदे वाहनों पर होगी)

वाहन श्रेणीप्रोत्साहनप्रोत्साहन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या
सभी पात्र इलेक्ट्रिक वाहनवाहनों के क्रेताओं को SGST का सौ फीसदी पुनर्भुगतानप्रत्येक श्रेणी के लिए नीचे दी गई सीमा के अनुसार
दुपहिया वाहनबैटरी क्षमता के अनुसार अग्रिम प्रोत्साहन
फिक्स्ड बैटरी: INR 5,000-10,000
स्वैपेबल बैटरी: INR 2,000-5,000
एक लाख दुपहिया वाहन
तिपहिया यात्री वाहनों(ई रिक्शा, ई-कार्ट, ई ऑटो और ई-गुड्स कैरियर)बैटरी क्षमता के अनुसार अग्रिम प्रोत्साहन
फिक्स्ड बैटरी: INR 10,000-20,000
स्वैपेबल बैटरी: INR 4,000-10,000
ई-रिक्शा, ई-कार्ट श्रेणी में 25,000
ई-ऑटो और भार वाहन श्रेणी में 25,000
तिपहिया यात्री वाहनों(ई रिक्शा, ई-कार्ट, ई ऑटो और ई-गुड्स कैरियर)रेट्रोफिट किट – रेट्रोफिट किट की लागत का 15% (करों सहित) प्रति वाहन INR 10,000 तक3,000 रेट्रोफिट वाहन
चौपहिया वाहन (4W): व्यक्तिगत कार / टैक्सी / सीवी / लाइट गुड्स व्हीकल (एलजीवी)अधिकतम 20 लाख रुपए तक एक्स शोरूम कीमत वाले चौपहिया वाहन के लिए अग्रिम प्रोत्साहन बैटरी क्षमता के अनुसार 30 से 50 हजार रुपए तक।1,000 निजी
1,000 व्यावसायिक (टैक्सी) 2,000 मैक्सीकैब व भार वाहन।
चौपहिया वाहन (4W): व्यक्तिगत कार / टैक्सी / सीवी / लाइट गुड्स व्हीकल (एलजीवी)रेट्रोफिट किट – 15,000 रुपये प्रति वाहन तक रेट्रोफिट किट की लागत (करों सहित) का 15%
2,000 रेट्रोफिट वाहन
इलेक्ट्रिक बसएक से पांच लाख रुपए तक 500 इलेक्ट्रिक बसें
इलेक्ट्रिक बसरेट्रोफिट किट – प्रति वाहन INR 2,50,000 तक रेट्रोफिट किट की लागत (करों सहित) का 15%200 बसें

राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: © RajRAS