राजस्थान हस्तशिल्प नीति-2022

राजस्थान हस्तशिल्प नीति-2022

राजस्थान हस्तशिल्प नीति-2022

राजस्थान मंत्रिमंडल ने ‘‘राजस्थान हस्तशिल्प नीति-2022‘‘ का अनुमोदन कर दिया है। इससे हस्तशिल्पियों के उत्थान में कार्य किए जाएंगे। उन्हें सशक्त बनाते हुए राज्य के विकास में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। विलुप्त होती हस्तकलाओं को पुनर्जीवित किया जाएगा। उद्योग विभाग के अनुसार पहली हस्तशिल्प नीति जारी कर राजस्थान ऐसा तीसरा राज्य बन गया है, जहां अलग से यह नीति अस्तित्व मेें आई है। इससे पहले असम और ओडिशा में इस तरह से पृथक नीति जारी की गई है। सरकार हर जिले से एक हस्तशिल्प उत्पाद का चयन कर इसे प्रोत्साहित करेगी। प्रत्येक वर्ष दिसंबर में राष्ट्रीय स्तर के हस्तशिल्प सप्ताह का आयोजन होगा, जिसमें हस्तशिल्पियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

  • हस्तशिल्प की ब्रांड बिल्डिंग, ई-मार्केटिंग के लिए सहायता, सामाजिक सुरक्षा, ऋण की सुविधा, छात्रवृत्ति, मेलों में हिस्सा लेने पर सहायता, क्रॉफ्ट विलेज में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, हैंडीक्राफ्ट पार्क, म्यूजियम, डिजाईन सेंटर, विक्रय केंद्र के लिए सहायता, डिजाइन बैंक स्थापना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य होंगे।
  • इसके राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, राजस्थान होंगे।
  • नीति में प्रवधान किया है कि आर्टिजन्स को तीन लाख रुपए तक के ऋण पर देय ब्याज सरकार वहन करेगी। ऋण प्रावधान पांच वर्षों तक के लिए होगा।
  • राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हस्तशिल्पियों के बच्चे यदि मान्यता प्राप्त संस्थानों ने आर्ट एंड क्राफ्ट, टैक्सटाइल आदि विषयों से डिग्री, डिप्लोमा करते हैं तो उनके लिए छात्रवृत्ति शुरू की जाएगी।
  • प्रदेश की इस पहली नीति में आर्टिजन्स के लिए सामाजिक सुरक्षा के कई प्रावधान जोड़े हैं। इसमें केन्द्र की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में बीमित हस्तशिल्पियों के बीमा प्रीमियम में राज्य सरकार अपना अंशदान देगी। उनको समूह बीमा का लाभ भी दिया जाएगा।
  • मेलों-प्रदर्शनियों में सहभागिता पर मिलने वाले प्रतिदिन भत्ते की राशि को भी बढ़ाया गया है।
  • नई हस्तशिल्प नीति के तहत उद्योग विभाग और इससे जुड़े संगठनों की ओर से जेल में बंदियों द्वारा से बनाए जाने वाले हस्तशिल्प एवं अन्य उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था की जाएगी। इन उत्पादों के स्टॉल्स विभाग के मेलों-प्रदर्शनियों में लगाए जाएंगे।

प्रमुख प्रावधान :

  • 18 से 50 वर्ष के हस्तशिल्पियों को सशक्त बनाते हुए समूह बीमा मुहैया कराया जाएगा।
  • हस्तशिल्प की विभिन्न श्रेणियों में हर साल राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे।
  • विलुप्त होती हस्तकलाओं को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से सेमिनार, वर्कशॉप आयोजित किये जायेंगे।
  • राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हस्तशिल्पियों को डीलक्स बस, द्वितीय श्रेणी रेल किराए एवं पंजीकृत हस्तशिल्पियों को द्रुतगामी बस व द्वितीय श्रेणी रेल किराए का भुगतान किया जायेगा।
  • हर वर्ष जयपुर में हस्तशिल्प सप्ताह के तहत प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा।
हाल ही में जारी की गई राजस्थान हस्तशिल्प नीति-2022 के अनुसार राष्ट्रिय स्तर पर हस्तशिल्प सप्ताह का आयोजन कौनसे माह में किया जायेगा ?

दिसंबर

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