राजस्थान की खारे पानी की झीलें

राजस्थान की खारे पानी की झीलें

राजस्थान के उत्तरी- पश्चिमी मरुस्थलीय भाग में स्थित अधिकतर झीलें, खारे पानी की झीलें है। खारे पानी की ये झीलें टेथिस सागर का अवशेष मानी जाती है। राजस्थान की खारे पानी की झीलें प्रमुख नमक स्त्रोत है। राज्य में सर्वाधिक खारे पानी की झीलें नागौर जिले में पाई जाती है।

सांभर झील

स्थान जयपुर जिले की फुलैरा तहसील में
प्रवर्तक चौहान शासक वासुदेव
नदियाँमंथा, रूपनगढ़, खारी, खण्डेला
लोकतीर्थदेवयानी
  • सांभर झील राज्य की सबसे बड़ी तथा देश की दूसरी बड़ी ( पहली चिल्का झील, उड़ीसा )खारे पानी झील है।
  • यह नमक उत्पादक झील है देश के कुल नमक उत्पादन का 8.7 प्रतिशत नमक का उत्पादन यहीं होता है।
  • हिन्दुस्तान साल्ट लिमिटेड द्वारा इस झील से उत्पादन का कार्य किया जाता है।
  • 1990 में सांभर झील को रामसर साइट घोषित किया गया है।
  • मंथा, रूपनगढ़, खारी, खण्डेला नदियाँ सांभर झील में आकर गिरती है
  • यह झील जयपूर, नागौर व अजमेर की सीमा को स्पर्श करती है।
  • इस झील के किनारे शाखंभरी माता का मंदिर, तथा संत हिस्सादुददीन की दरगाह स्थित है।
  • इस झील को लोकतीर्थ देवयानी कहते हैं।

रामसर सम्मलेन एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय संधि है जो आर्द्रभमूमयों और उनके संसाधनों के संरक्षण एवं युक्तिसंगत उपयोग के लिए राष्ट्रीय कार्रवाई और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की रूपरेखा प्रदान करती है । तथा इस प्रकार के अद्वितीय पारिस्थितिक तंत्रो को सुरक्षा प्रदान करते है। इसे 2 फ़रवरी 1971 में ईरान के रामसर में अपनाया गया था इस कारण इसका नाम रामसर रखा गया।

पचपदरा झील

स्थानबाड़मेर के बालोतरा के पास पचपदरा गाँव में
निर्माणपंचा भील
  • पचपदरा झील बाड़मेर के बालोतरा के पास पचपदरा (पचभद्रा) नामक स्थान पर स्थित है।
  • पचपदरा झील देश की सबसे खारी झील है।
  • इस झील का निर्माण पंचा नामक भील द्वारा दलदल को सुखा कर करवाया गया था।
  • यहाँ खारवाल जाति के लोग मोरली झाड़ी की टहनियाँ का उपयोग नमक के स्फटिक बनाने में करते हैं।
  • यहाँ उत्तम किस्म का नमक तैयार होता है जिसमें 98 प्रतिशत तक सोडियम क्लोराइड(NaCl) की मात्रा पाई जाती है।
  • श्रीमती सोनिया गांधी ने 22 सितम्बर 2013 को पचपदरा के साजियावाली गाँव में रिफाईनरी का शिलान्यास किया था।

लूणकरणसर झील

  • लूणकरणसर झील बीकानेर से लगभग 80 किमी. दूर लूणकरणसर में स्थित है।
  • इस झील से नमक बहुत कम बनाया जाता है।

डीडवाना झील

  • डीडवाना झील नागौर जिले में डीडवाना नगर के निकट स्थित है।
  • यहाँ निजी क्षेत्र में नमक बनाने वाली संस्थाओं को देवल कहा जाता है।
  • यहाँ राज्य सरकार का उपक्रम राजस्थान स्टेट कैमिकल वर्क्स स्थापित है।
  • इस झील में सोडियम लवण के निर्माण हेतु सोडियम सल्फेट संयंत्र स्थापित है।
  • यहाँ के नमक में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण यह खाने योग्य नहीं है
  • इस झील के नमक का उपयोग कागज उद्योग,चमड़ा उद्योग, काँच उद्योग में होता है।

राजस्थान की अन्य खारे पानी की झीलें

ज़िलेखारे पानी की झीलें
नागौरनावां झील, डेगाना झील, कुचामन झील
जैसलमेरकावोद झील
सीकररेवासा झील, कछोर झील
जोधपुरफलोदी झील
चूरूतालछप्पर झील

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