सहकारी विभाग की प्रमुख योजनाएं व कार्यक्रम

सहकारी विभाग की प्रमुख योजनाएं व कार्यक्रम

इस लेख में राजस्थान सहकारिता विभाग की प्रमुख योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी दी गई है।

(1) राज सहकार पोर्टल

राजस्थान सरकार द्वारा सहकारी विभाग की विभिन्न योजनाओं यथा- अल्पकालिक फसल ऋण आवेदन, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी) आवेदन, ऑनलाइन भुगतान, नई सोसायटी के पंजीकरण का आवेदन, गैर-सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.) पंजीकरण, गेम्स फेडरेशन पंजीकरण, सहकारी संस्था की चुनाव प्रणाली, कोर्ट केश की स्थिति, ऑडिट रिपोर्ट, फसल ऋण और ऋण माफी की स्थिति आदि सुविधाओं के लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म राज सहकार पोर्टल शुरू किया गया

(2) ज्ञान सागर योजना

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण व शहरी छात्र-छात्राओं को व्यवसायिक व तकनीकी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। भारत में शिक्षा प्राप्ति के लिए अधिकतम 6 लाख व विदेश में शिक्षा प्राप्ति के लिए अधिकतम 10 लाख तक के ऋण का प्रावधान है।छात्राओं को ब्याज दर में 0.50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है।

(3) सहकारी किसान कार्ड योजना

शुरुआत– 1999
यह योजना किसानों को आसानी से सहकारी ऋण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से शुरू की गई। राजस्थान में पूरे देश में सर्वप्रथम इस योजना को लागू किया गया।

(4) सहकारी किसान कल्याण योजना

उद्देश्य – किसानों की कृषि ऋण एवं साख की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु राज्य सरकार द्वारा सहकारी किसान कल्याण योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत
केन्द्रीय सहकारी बैंकों (सी.सी.बी.) द्वारा कृषि से संबद्ध उद्देश्यों के लिए अधिकतम ₹10.00 लाख का ऋण प्रदान करते हैं।

(5) स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड योजना

इस योजना के तहत गैर कृषि कार्यों के लिए 5 साल तक की अवधि के लिए ₹50 हजार तक के ऋण का प्रावधान है।

(6) महिला विकास ऋण योजना

इस योजना के माध्यम से भूमि विकास बैंक कृषि भूमि की सुरक्षा के बिना, 2 व्यक्तियों की गारंटी के माध्यम से गैर-कृषि उद्देश्यों और डेयरी व्यवसाय के लिए ₹50,000 का ऋण प्रदान करके महिलाओं के लिए आय के स्रोत बना रहे हैं।

(7) एकमुश्त समझौता योजना

शुरुआत -2020-21
इस योजना के तहत प्राथमिक भूमि विकास बैंकों के सभी प्रकार के अवधि पार ऋणों पर 50% की छूट दी जाएगी।

(8) कृषक मित्र योजना

उद्देश्य-राज्य में नगदी फसलों का उत्पादन बढ़ाना तथा छोटे व बड़े सभी काश्तकारों को सहकारी दायरे में लाना।

(9) ग्रामीण दुर्घटना बीमा योजना

उदेश्य– बीमा कंपनियों के सहयोग से प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के ऋणी सदस्यों की दुर्घटना में स्थाई अपंगता या मृत्यु की स्थिति में राहत प्रदान करना। ऋणी सदस्यों की मृत्यु हो जाने पर ₹25000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

(10) बेबी ब्लैंकेट योजना

इस योजना के तहत राजस्थान राज्य सहकारी आवास संघ द्वारा मकानों की मरम्मत परिवर्तन व पर आवर्धन के लिए ₹50000 तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाता है।

स्त्रोत : आर्थिक समीक्षा 2021-22

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